ग्राम पंचायत बुढ़ीखार में जोत जवारा कार्यक्रम गाजा बाजा के साथ संपन्न किया गया।

(मल्हार) ग्राम पंचायत बुढ़ीखार एक बहुत ही पुरानी गांव है। जहां प्राचीनतम मूर्ति अवशेष आदि आज भी देखने को मिलते हैं, जहां परघनिया बाबा मंदिर उनमें से एक है। नवरात्रि के पावन पर्व में जोत जवारा का आयोजन श्रद्धालुओं के एवं गांव के लोगों के सहयोग से मंदिर परिसर एवं माता चौरा में प्रतिवर्ष प्राचीन परंपरागत तरीके से संपन्न कराया जाता है ,जिसमें 9 दिन और रात माता रानी की सेवा बड़े ही श्रद्धा भाव एवं लगन के साथ स्थानीय पंडितों के द्वारा एवं गांव के श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा अर्चना आदि रीति रिवाज को ध्यान में रखते हुए नव दिन जोत जवारा का सेवा करके नवरात्रि के अंतिम दिवस पर जवारा विसर्जन गांव की माता एवं बहने अपनी परंपरागत वेशभूषा ,परिधान के साथ जोत जवारा का विसर्जन बड़े ही सच्चे मन से किया करते हैं।

इस अनोखी अद्वितीय कार्यक्रम को संपन्न कराने में सरपंच डॉ दीपक कुमार लहरे, सुनील थवाईत जी, बालमकुद वैष्णव , प्रदीप वैष्णव , दीपक गुप्ता , संतोष केवट , मोती भैना , दुर्गेश केवट , बुधारू केवट , दीपक वैष्णव , विश्वनाथ थवाईत , फिरतू भैना , बिहारी केवट,सूरज वैष्णव जी, यशवंत थवाईत जी का नवरात्रि के पूरे पावन दिवस में आप सभी का अमूल्य योगदान रहा जिसमें श्री बीरबल थवाईत गुरु जी का योगदान अति सराहनीय रहा , वे पूरे 9 दिन ही नहीं , पूरे वर्ष मंदिर का सेवा करते नज़र आते हैं । हर दिन श्रद्धालुओं का भीड़ देखते ही बनती है। प्रतिवर्ष परघनिया बाबा मंदिर की गरिमा बढ़ते ही जा रही है । हर साल ज्योति कलश में बढ़ोतरी हो रही है।
