
तखतपुर –ग्राम पंचायत जूनापारा अघरिया पारा,(बरगन रैयत) का एक मामला श्रीमान जिला न्यायाधीश के पास न्याय की गुहार के लिए पहुंचे ग्राम वासियों का कहना है कि गांव में सुरक्षित शासकीय एवं वन भूमि गांव के निस्तारी जमीन है जो गांव के हर छोटे बड़े कार्य को प्रमुखता से संपादित करती है ।जहां गांव का छोटा बड़ा कार्य संपन्न किया जाता है, जिसे परदेस से आया हुआ परदेसी राजेंद्र पुरी गोस्वामी पिता लक्ष्मण पुरी गोस्वामी और रामेश्वर पुरी गोस्वामी पिता राजेंद्र पुरी गोस्वामी,जिसके पास तन ढकने के लिए कपड़ा नहीं था उसे गांव वालों ने शरण दिया सम्मान दिया पुजारी बनाया। आज वही हमारे गांव का मुखिया बना हुआ है, और गांव को लूट रहा है ,चारागाह को भी अपने कब्जे में कर लिया है । मना करने पर राजनीतिक पहुंच के साथ गाली गलौज मारपीट पर उतर आता है ।शराब पीकर हथियार लेकर गांव में दहशत का माहौल बनाता है ,साथ ही नशा का अवैध व्यापार भी करता है।




सच में यह देखने और सुनने को अक्सर मिल जाता है कि, कोई बाहर से आता है और गांव में थोड़ी सी शरण लेकर पूरे गांव को अपने कब्जे में करने की कोशिश करता है।छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया यह तो पूरे भारत के लोग जानते हैं और इसी का फायदा उठाने के लिए छत्तीसगढ़ में आते हैं और अपना हक जताते हुए, जल, जंगल, जमीन को धीरे-धीरे कब्जा करने लगते हैं।निश्चित ही बाहर से आया हुआ गांव की शासकीय एवं निस्तारी भूमि को कब्जा करके जमीदार बन जाते है। अब देखना यह है कि इन गांव वालों की गुहार कितनी दूर तक जाती है, और इसका परिणाम क्या निकलता है।भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है कही यह भी भ्रष्टाचार के भेंट न चढ़ जाए।
मुख्य संपादक- डॉ दीपक कुमार लहरे
