आज मैं अपने आप को बहुत ही गौरवांवित महसूस कर रहा हूं ,मेरा प्यारा गांव बुढ़ीखार ,मेरा मान,सम्मान और अभिमान है। मुझे गर्व है मैं इस गांव का प्रथम नागरिक मुखिया सरपंच हूं ।आप सभी ग्राम वासियों को मैं कोटि-कोटि धन्यवाद देता हूं ,जो आप सबने बहुत ही विश्वास भाव से मुझे गांव का मुखिया बनाया है । मैं कुछ भी नहीं बिन आप सबके ,आप सब की एकता अखंडता और लाड,प्यार, दुलार ही मेरे लिए माथे का चमकता हुआ तिलक बन गया है। आज मैं इसी सम्मान को लेकर आप सभी को विश्वास दिलाता हूं ,की आप सब का सपना ही मेरा सपना होगा और मैं तब तक चैन की नींद नहीं सोऊंगा, जब तक आप लोग चैन की नींद नहीं सोएंगे। निश्चित ही आप सब ने मुझे बलशाली बनाया है और इस बल शक्ति का प्रयोग में अच्छे कर्मों में ,अच्छे विचारों में और गांव के विकास के लिए प्रयोग करूंगा। जितने भी मेरे भाई ,बंधु ,शखा ,दोस्त ,यार, मितानिन ,मितान ,माताएं, बहने ,बुजुर्ग ,किसान, जवान ,छोटे, बड़े ,सियान आप सभी का सहारा बनना चाहता हूं। निश्चित रूप से इसमें खरा उतरूंगा। यही संकल्पना। धन्यवाद।।
मेरा गांव मेरा सम्मान बुढ़ीखार
