ऑनलाइन लालच से बचे, ठगी पर 1930 पर तुरंत कॉल करें

नरेंद्र माखीजा (रिटायर्ड सहायक महाप्रबंधक, SBI) द्वारा दी गई यह जानकारी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (Cyber Fraud) से बचने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने डिजिटल बैंकिंग का उपयोग करते समय सुरक्षित रहने और ठगी होने पर तुरंत उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जागरूक किया है।
इस संदेश के मुख्य बिंदुओं को नीचे आसान शब्दों में वर्गीकृत किया गया है:

⚠️ इन धोखों और लालच से बचें

• कॉपी ट्रेडिंग और सस्ते ऑफर्स: इंटरनेट पर मिलने वाले किसी भी जादुई मुनाफे, भारी डिस्काउंट या अनजान वेबसाइटों के लुभावने ऑफर्स पर भरोसा न करें।
• असुरक्षित QR कोड: किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड (QR Code) को स्कैन न करें।

🔒 इन बातों का विशेष ध्यान रखें (सुरक्षा नियम)

• गोपनीय जानकारी: अपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड का नंबर, सीवीवी (CVV) या ओटीपी (OTP) किसी के भी साथ साझा न करें।
• UPI का नियम: हमेशा याद रखें कि पैसे प्राप्त करने (Receive करने) के लिए कभी भी UPI पिन डालने की आवश्यकता नहीं होती। पिन केवल पैसे भेजने (Pay करने) के लिए डाला जाता है।
• बैंक कार्य: पेंशन कार्ड अपडेट या केवाईसी (KYC) जैसे महत्वपूर्ण कामों के लिए हमेशा अपनी अधिकृत बैंक शाखा या संस्थान से सीधे संपर्क करें। किसी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें।

🚨 ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत क्या करें?

यदि आप किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो बिना समय गंवाए ये 3 कदम उठाएं:
1. हेल्पलाइन पर कॉल करें: तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
2. ऑनलाइन पोर्टल: आप सरकार की आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in पर जाकर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं।
3. बैंक को सूचित करें: तुरंत अपनी नजदीकी बैंक शाखा में जाएं या कस्टमर केयर पर बात करके अपने खाते पर होल्ड (Hold) या स्टॉप (Stop) लगवाएं ताकि आगे का नुकसान रोका जा सके।


प्रधान संपादक – डॉ दीपक कुमार लहरे

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